PLFS 2025: देश के करीब एक-चौथाई जिलों में 30% से ज्यादा युवा नौकरी, पढ़ाई और ट्रेनिंग से बाहर
पहली district-level PLFS release में युवाओं की NEET स्थिति में बड़े क्षेत्रीय अंतर; राष्ट्रीय स्तर पर 15–29 आयु वर्ग के 25% युवा NEET, graduates के लिए भी नौकरी तक पहुंच बड़ी चुनौती
Updated: 27/9/2026, 11:15:14 am IST
The 60-second brief
- भारत के पहली बार जारी district-level PLFS आंकड़ों ने युवा रोजगार और शिक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौती सामने रखी है। 23.7% जिलों में 15 से 29 साल के 30% से अधिक युवा न रोजगार में हैं, न शिक्षा में और न किसी प्रशिक्षण में। इसी बीच State of Working India 2026 ने young graduates में ऊंची बेरोजगारी और graduate employment की धीमी वृद्धि की ओर ध्यान दिलाया है।
नई दिल्ली: भारत के युवाओं की शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा को लेकर नए सरकारी आंकड़ों ने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां सामने रखी हैं। National Statistical Office यानी NSO ने revised Periodic Labour Force Survey (PLFS) के तहत पहली बार district-level labour market estimates जारी किए हैं। ये आंकड़े PLFS 2025 पर आधारित हैं और 15 से 29 साल के युवाओं के बीच NEET—Not in Employment, Education or Training की स्थिति में जिलों के बीच बड़े अंतर दिखाते हैं।
सरकारी district snapshot के मुताबिक, 23.7% जिलों में युवाओं की NEET दर 30% से अधिक रही। सबसे ज्यादा जिले—45.9%—ऐसे रहे जहां NEET rate 20% से 30% के बीच थी। 26.1% जिलों में यह दर 10% से 20% और केवल 4.2% जिलों में 10% से कम रही। इस तरह तीन-चौथाई से अधिक जिलों की NEET दर 30% से नीचे थी, लेकिन करीब हर चौथा जिला 30% से ऊपर रहा।
राष्ट्रीय स्तर पर हर चार में लगभग एक युवा NEET
PLFS Annual Report 2025 इस district-level तस्वीर को राष्ट्रीय संदर्भ भी देती है। इसके मुताबिक 15–29 वर्ष आयु वर्ग के 25.0% लोग employment, education या training—तीनों से बाहर थे। 15–24 आयु वर्ग में यह अनुपात 21% था। इसी survey में 15–29 साल के युवाओं की unemployment rate 9.9% दर्ज की गई, जो 2024 में 10.3% थी।
यहीं NEET और unemployment के बीच अंतर समझना जरूरी है। बेरोजगारी दर मुख्य रूप से उन लोगों को देखती है जो labour force में हैं और काम की तलाश कर रहे हैं, जबकि NEET में ऐसे युवा भी आ सकते हैं जो नौकरी नहीं खोज रहे, घरेलू जिम्मेदारियों में लगे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या किसी अन्य वजह से शिक्षा और labour market दोनों से बाहर हैं। इसलिए NEET rate को सीधे unemployment rate कहना गलत होगा।
किन राज्यों में स्थिति ज्यादा गंभीर?
District data के विश्लेषण में उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में NEET concentration अधिक दिखाई देती है। Indian Express के विश्लेषण के मुताबिक बिहार में 81% जिलों में कम से कम 25% युवा NEET थे। पश्चिम बंगाल में यह अनुपात 75%, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में 70-70% तथा उत्तर प्रदेश में 69% था। ओडिशा में करीब 52% जिलों में युवा NEET दर 25% से अधिक दर्ज की गई।
अन्य रिपोर्टिंग में पंजाब, असम और तेलंगाना के कई जिलों में भी ऊंची NEET दर की ओर ध्यान दिलाया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी युवाओं को बेरोज़गार माना जाए; बल्कि यह शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक गतिविधि—तीनों से उनके जुड़ाव की स्थिति को दर्शाता है।
एक ही राज्य में सबसे ऊंची और सबसे कम NEET दर
District-level data में सबसे दिलचस्प तस्वीर ओडिशा से सामने आई। Indian Express के विश्लेषण के मुताबिक अनुगुल में youth NEET rate 56.1% रही, जबकि नबरंगपुर में यह केवल 4.1% दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि राष्ट्रीय या राज्य औसत के पीछे जिले-दर-जिले स्थितियां कितनी अलग हो सकती हैं।
100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों को देखें तो सरकारी release में एर्नाकुलम, केरल में NEET rate 9.6% दर्ज हुई। इसके बाद कोयंबटूर 14.5% और बेंगलुरु अर्बन 15.0% पर रहे। रांची में 16.5%, सूरत में 17.2% और त्रिशूर में 17.8% दर्ज किया गया।
युवा महिलाओं के लिए चुनौती कहीं बड़ी
Youth NEET data का gender dimension भी महत्वपूर्ण है। जारी आंकड़ों पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार, सर्वे में शामिल करीब तीन-चौथाई जिलों में युवा महिलाओं की NEET दर 25% से अधिक रही।
PLFS 2025 की broader labour-force findings भी इसके पीछे मौजूद सामाजिक संरचना की ओर संकेत करती हैं। labour force से बाहर महिलाओं में 44.4% ने childcare या home-making से जुड़ी personal commitments को मुख्य कारण बताया, जबकि पुरुषों में 69.8% ने पढ़ाई जारी रखने को मुख्य कारण बताया। यह आंकड़ा सभी 15+ महिलाओं से संबंधित है, केवल youth category से नहीं, इसलिए इसे youth NEET का सीधा कारण नहीं माना जाना चाहिए; लेकिन unpaid care work और महिलाओं की labour-market participation के बीच संबंध को समझने के लिए यह महत्वपूर्ण संदर्भ देता है।
कौशल प्रशिक्षण की पहुंच भी सीमित
युवा रोजगार की समस्या केवल jobs की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। PLFS Annual Report 2025 के मुताबिक 15–29 वर्ष आयु वर्ग में केवल 5% लोगों ने formal vocational या technical training प्राप्त की थी या कर रहे थे। 15–59 आयु वर्ग में यह अनुपात 4.2% था।
यानी एक ओर बड़ी संख्या में युवा education और employment दोनों से बाहर हैं, दूसरी ओर formal vocational training की पहुंच भी अभी सीमित है।
NITI Aayog का 8.7 करोड़ वाला आंकड़ा क्या कहता है?
अगस्त 2026 में NITI Aayog ने Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047 रिपोर्ट जारी की। इसमें करीब 8.7 करोड़ NEET youth का estimate दिया गया। लेकिन इस आंकड़े को समझने में सावधानी जरूरी है। यह current 2026 count नहीं है; इसका आधार NSS 78th Round, 2021 है। NITI Aayog के मुताबिक इस estimate में job seekers को अलग रखते हुए करीब 9 करोड़ NEET युवाओं की पहचान की गई थी और उनमें लगभग 88% घरेलू कार्यों में लगे थे।
सरकार ने बाद में विशेष रूप से स्पष्ट किया कि 8.7 करोड़ को “बेरोज़गार युवाओं की संख्या” कहना गलत होगा। जिस dataset से यह estimate निकला, वह कोविड-19 अवधि से संबंधित था और NEET category unemployment से व्यापक है।
इसलिए 2025 के PLFS district data और NITI Aayog के 8.7 करोड़ estimate को सीधे एक ही वर्ष के आंकड़ों की तरह तुलना नहीं करनी चाहिए।
Graduates के सामने दूसरी चुनौती—डिग्री के बाद नौकरी
NEET के अलावा graduate employment की स्थिति भी चिंता का एक अलग पहलू दिखाती है। Azim Premji University की State of Working India 2026: Youth in the Labour Market report के अनुसार young graduates में unemployment काफी ऊंची बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक 15–25 साल के graduates में unemployment करीब 40% और 25–29 साल में करीब 20% रही। रिपोर्ट यह भी कहती है कि graduation के एक साल के भीतर stable salaried employment पाने वाले graduates की हिस्सेदारी सीमित है।
लंबी अवधि का आंकड़ा भी महत्वपूर्ण है। 2004 से 2023 के बीच औसतन करीब 50 लाख graduates हर साल जुड़े, लेकिन employed graduates की संख्या औसतन लगभग 28 लाख प्रति वर्ष ही बढ़ी। Salaried graduate workers की संख्या में औसत वृद्धि करीब 17 लाख प्रति वर्ष रही।
यह gap बताता है कि higher education का विस्तार graduate-level employment की वृद्धि से तेज रहा है।
PLFS का district data पहली बार क्यों महत्वपूर्ण है?
2025 से PLFS का sampling design बदल दिया गया। पहले NSS Regions survey design की basic geographical unit थे; revised design में देश के अधिकांश हिस्सों में district को basic stratum बनाया गया। इसी बदलाव ने district-level labour estimates तैयार करना संभव बनाया।
इसका महत्व यह है कि किसी राज्य की average employment या NEET rate कई बार जिले-दर-जिले मौजूद बड़े अंतर को छिपा देती है। अब policymakers शिक्षा, skilling और employment programmes को उन जिलों के हिसाब से बेहतर target कर सकते हैं जहां youth disengagement ज्यादा है।
हालांकि MoSPI ने यह भी कहा है कि district estimates sample survey पर आधारित हैं, इसलिए sampling variability और Relative Standard Error जैसे statistical limitations को देखते हुए district rankings की व्याख्या सावधानी से की जानी चाहिए।
बड़ी तस्वीर
PLFS 2025 से दो अलग लेकिन जुड़ी हुई चुनौतियां दिखाई देती हैं। पहली, 15–29 साल के युवाओं का एक बड़ा हिस्सा employment, education और training से बाहर है। दूसरी, जो युवा higher education पूरा कर रहे हैं, उनमें भी शिक्षा से stable employment तक का transition आसान नहीं है।
लेकिन दोनों समस्याओं को “बेरोज़गारी” के एक ही आंकड़े में जोड़ना सही नहीं होगा। NEET, unemployment, labour-force participation और graduate unemployment अलग-अलग indicators हैं और प्रत्येक युवा labour market की अलग समस्या को मापता है।
District-level data की नई उपलब्धता इस बहस को national averages से आगे ले जाती है—अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि भारत में कितने युवाओं के पास नौकरी है, बल्कि यह भी है कि कौन से युवा, किन जिलों में, किस वजह से शिक्षा, कौशल और रोजगार की मुख्यधारा से बाहर रह रहे हैं।
Key Numbers Box
• 25.0%: 15–29 आयु वर्ग की national NEET rate, PLFS 2025.
• 23.7%: जिले जहां youth NEET rate 30% से ऊपर रही.
• 45.9%: जिले जहां NEET rate 20–30% रही.
• 9.9%: 15–29 आयु वर्ग की unemployment rate, 2025.
• 5.0%: 15–29 आयु वर्ग में formal vocational/technical training प्राप्त करने या कर रहे युवाओं का अनुपात.
• 8.7 करोड़: NITI Aayog का 2021 NSS data पर आधारित NEET estimate; इसे unemployment figure नहीं माना जाना चाहिए.
• लगभग 40% और 20%: State of Working India 2026 के अनुसार क्रमशः 15–25 और 25–29 आयु वर्ग के graduates में unemployment.
SEO PLFS 2025: 23.7% जिलों में 30% से ज्यादा युवा NEET, Graduate Unemployment भी ऊंची
PLFS 2025 district data में 23.7% जिलों में 30% से अधिक युवा employment, education और training से बाहर मिले। जानिए NEET, youth unemployment, women, graduates और NITI Aayog के 8.7 करोड़ वाले आंकड़े की पूरी सच्चाई।
Sources & reading notes
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