पंजाब की LPU में भारी हंगामा: कैंपस में तोड़फोड़-आगजनी, छात्रों ने हाईवे किया जाम; कथित रेप के मामले में FIR, SIT करेगी जांच
फगवाड़ा: पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में रविवार, 27 सितंबर की तड़के बड़ी संख्या में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ हुई, खिड़कियों और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया तथा कुछ सामान में आग लगाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं। बाद में प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के बाहर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। आखिर क्यों भड़के छात्र?
अपडेट: 27/9/2026, 4:36:41 pm IST
60 सेकंड में समझें
- LPU में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
- कैंपस में तोड़फोड़ हुई और कुछ वस्तुओं में आग लगाई गई।
- छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे जाम किया।
- मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है।
मामले की शुरुआत सोशल मीडिया और छात्रों के बीच फैल रही उस सूचना से हुई, जिसमें LPU के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न/रेप होने का आरोप लगाया गया था।
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के अनुसार, छात्रों का कहना था कि कथित घटना लगभग तीन दिन पहले, यानी 24 सितंबर को हुई थी और इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर बड़ी संख्या में छात्र देर रात से इकट्ठा होने लगे और रविवार तड़के प्रदर्शन तेज हो गया।
कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी
प्रत्यक्षदर्शी वीडियो और कई मीडिया रिपोर्ट्स में कैंपस के अंदर खिड़कियों के शीशे, गमले, साइन बोर्ड और दूसरी संपत्ति क्षतिग्रस्त दिखाई दी। कुछ वस्तुओं और परिसर के हिस्सों में आग लगाए जाने की भी रिपोर्ट है।
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन बाद में यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकलकर हाईवे तक पहुंच गया। कानून-व्यवस्था संभालने के लिए कपूरथला और आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
हाईवे जाम, यातायात प्रभावित
छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम लगने और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किए जाने की जानकारी सामने आई।
पहले पुलिस ने कहा था—कोई शिकायत या सबूत नहीं मिला घटना के शुरुआती घंटों में कपूरथला के SSP गौरव तूरा ने कहा था कि पुलिस के पास कथित रेप की कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई थी और उस समय तक आरोप की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।
इसी कारण शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “unverified claim” या अपुष्ट सूचना बताया गया।
बाद में FIR दर्ज, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला
दिन चढ़ने के साथ मामले में महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक संबंधित छात्रा का बयान मिलने के बाद कथित यौन उत्पीड़न के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने कहा कि पुलिस अब इस मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच करेगी। CCTV फुटेज, फोन रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच किए जाने की बात भी कही गई है।
हालांकि, FIR दर्ज होना आरोप की सत्यता का अंतिम प्रमाण नहीं है। कथित घटना वास्तव में हुई या नहीं, आरोपी कौन है और घटना कहां हुई—इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
SIT का गठन मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक Special Investigation Team (SIT) भी बनाई है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें पुलिस अधिकारियों के साथ महिला अधिकारी को भी शामिल किया गया है और जांच के दौरान छात्र प्रतिनिधियों से भी समन्वय किया जाएगा।
छात्राओं ने हॉस्टल सुरक्षा को लेकर भी रखी मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने महिला हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पुलिस अधिकारी के मुताबिक छात्राओं की मांगों में महिला हॉस्टल में पूरे स्टाफ को महिला कर्मचारियों से रखने जैसी मांग भी शामिल है। प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच इन मुद्दों पर बातचीत की बात कही गई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कहा?
LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावों को “false, baseless and fabricated” बताते हुए छात्रों और अभिभावकों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि गलत जानकारी फैलाकर संस्थान का माहौल खराब करने और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विश्वविद्यालय ने आरोपों को खारिज किया है, जबकि पुलिस ने बाद में शिकायत/बयान के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्रोत और पठन नोट
यह सामान्य पठन के लिए मूल रीडर गाइड है। इसे ताज़ा घटना की रिपोर्ट या सत्यापित फैक्ट-चेक के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
