नेपाल में नोटबंदी की चर्चा: क्या ₹500 और ₹1,000 के नोट बंद होने वाले हैं?
काठमांडू: नेपाल में एक बार फिर नोटबंदी की चर्चा तेज हो गई है। 30 सितंबर 2026 को प्रतिनिधि सभा में ₹500 और ₹1,000 के नेपाली नोटों को बंद करने की मांग उठाई गई। इसके बाद यह सवाल चर्चा में है कि क्या नेपाल सरकार वास्तव में नोटबंदी की तैयारी कर रही है?
अपडेट: 1/10/2026, 12:45:15 pm IST

THE PLANET REPORT
60 सेकंड में समझें
- नेपाल की संसद में नोटबंदी की मांग उठी।
- ₹500 और ₹1,000 के नोट चर्चा में हैं।
- अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ।
- दोनों नोट अभी वैध हैं।
- नेपाल राष्ट्र बैंक ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया।
फिलहाल इसका सीधा जवाब है—नहीं। अभी नेपाल में नोटबंदी का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
संसद में किसने उठाई नोटबंदी की मांग?
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के सांसद यज्ञमणि न्यौपाने ने 30 सितंबर को प्रतिनिधि सभा में ₹500 और ₹1,000 के नोटों को बंद करने की मांग की। नेपाल संसद की आधिकारिक वेबसाइट भी न्यौपाने को RSP का सांसद बताती है।
न्यौपाने का कहना था कि भ्रष्टाचार और अवैध तरीके से जमा किए गए नकद धन को बैंकिंग व्यवस्था में लाने के लिए पुराने बड़े नोटों को बंद कर नए नोट जारी किए जाने चाहिए। यह उनका राजनीतिक प्रस्ताव और दावा है; सरकार ने इसे नीति के रूप में स्वीकार करने की घोषणा नहीं की है।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के मुख्य सचेतक युवराज दुलाल ने भी इस मांग का समर्थन किया और कहा कि उनकी पार्टी सरकार द्वारा ऐसा कदम उठाए जाने पर सहयोग करेगी।
क्या सरकार ने नोटबंदी का फैसला कर लिया है?
1 अक्टूबर 2026 तक नेपाल सरकार या नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से ₹500 और ₹1,000 के नोटों को अमान्य घोषित करने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
इसके विपरीत, नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने 21 अगस्त 2026 को कहा था कि सरकार फिलहाल नोटबंदी को उचित नहीं मानती और इस पर कोई योजना नहीं बनाई गई है। उन्होंने दूसरे देशों में नोटबंदी के अनुभवों का भी उल्लेख करते हुए इसके परिणामों को बहुत उत्साहजनक नहीं बताया था।
हालांकि, यह बयान संसद में 30 सितंबर को उठी नई मांग से पहले का है। इसलिए सरकार भविष्य में अपना रुख बदलेगी या नहीं, यह फिलहाल तय नहीं कहा जा सकता।
नया ₹1,000 का नोट भी जारी कर रहा है नेपाल राष्ट्र बैंक
इस पूरे विवाद के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि नेपाल राष्ट्र बैंक ने 24 सितंबर 2026 को ₹1,000 मूल्य के 2025 सीरीज के नए बैंक नोट को प्रचलन में लाने की आधिकारिक सूचना जारी की थी।
30 सितंबर को Kathmandu Post ने भी बताया कि दशैं के मौके पर नेपाल राष्ट्र बैंक और बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से नए नोट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार बैंकों और वित्तीय संस्थानों में ₹500 और ₹1,000 जैसे बड़े नोटों का सामान्य इस्तेमाल जारी है।
इससे फिलहाल यही स्पष्ट होता है कि ₹500 और ₹1,000 के नोट वैध मुद्रा के रूप में चल रहे हैं।
अगर नोटबंदी हुई तो क्या होगा?
नोटबंदी का अर्थ होता है कि सरकार या केंद्रीय बैंक किसी विशेष मूल्य के मौजूदा नोटों को वैध मुद्रा के रूप में बंद कर देता है। ऐसी स्थिति में आम तौर पर लोगों को तय समय के भीतर पुराने नोट बैंक में जमा करने या बदलने की व्यवस्था दी जाती है।
लेकिन नेपाल में अभी ऐसी कोई समय-सीमा, नोट बदलने की प्रक्रिया, बैंक में जमा करने का नियम या आधिकारिक नोटबंदी कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।
इसलिए केवल सोशल मीडिया या राजनीतिक बयानों के आधार पर यह मान लेना कि ₹500 या ₹1,000 के नेपाली नोट बंद हो चुके हैं, सही नहीं होगा।
फिलहाल स्थिति क्या है?
30 सितंबर को संसद में नोटबंदी की मांग उठी है, लेकिन फैसला नहीं हुआ है। ₹500 और ₹1,000 के नेपाली नोट अभी वैध हैं और सामान्य रूप से चलन में हैं।
अब नजर नेपाल सरकार और नेपाल राष्ट्र बैंक पर रहेगी। यदि नोटबंदी जैसा कोई बड़ा फैसला लिया जाता है, तो उसके लिए आधिकारिक घोषणा और विस्तृत नियम जारी किए जाने की आवश्यकता होगी।
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